

ध्येय वाक्य (Core Motto)
“सुरक्षित विहार • संरक्षित शासन • संगठित समाज”
हमारा पावन संकल्प (Mission Statement)
विहार सेवा ग्रुप (VSG) का एकमात्र ध्येय भगवान महावीर के पदचिह्नों पर चलने वाले 18,000 श्रमण-श्रमणियों के पदविहार को पूर्णतः सुरक्षित, निर्बाध और अभय बनाना है।
सड़क पर उतरते ही मत-पंथ के सारे भेद भुलाकर, सेवा, समर्पण और अनुशासन के साथ जैन संतों को ‘Z+ स्तर का आध्यात्मिक सुरक्षा-कवच’ प्रदान करना हमारा सर्वोच्च दायित्व है।
मिशन के पाँच प्रमुख स्तम्भ (Five Core Pillars)
शून्य दुर्घटना का लक्ष्य (Zero Accident Mission):
प्रातःकालीन विहार के दौरान, तेज रफ्तार ट्रैफिक और अंधेरे में रेडियम सुरक्षा घेरा तैयार कर हाईवे पर होने वाले हादसों को शून्य पर लाना।
सर्व-फिरका एकता (Universal Jain Unity):
श्वेतांबर, दिगंबर, स्थानकवासी या तेरापंथी—रॉड पर किसी भी संप्रदाय का भेद न रखते हुए, हर जैन संत को अपना आराध्य मानकर एकसमान निष्ठा से सेवा देना।
‘कल्पवृक्ष’ सेवा संकल्प (Holistic Care):
केवल सुरक्षा देना ही नहीं, बल्कि संतों की उपधि वहन, जिनालय दर्शन, व्हीलचेयर सेवा, आपातकालीन चिकित्सा और गोचरी-आवास की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करना।
सेवक सुरक्षा एवं सम्मान (Sevaks Welfare):
‘रिजर्व फंड’ के माध्यम से सड़क पर सेवादेने वाले हर जांबाज सेवक को अकस्मात् के समय मेडिकल सुरक्षा कवच देना।
युवा चेतना एवं संस्कार निर्माण (Youth Transformation):
समाज के युवाओं को व्यसन और प्रमाद से दूर कर सेवा, सामायिक, स्वाध्याय और संयम के मार्ग से जोड़ना।


दूरगामी दृष्टि (Vision 18,500 Years)
“जब तक नसों में रक्त दौड़ता है, शरीर जीवित रहता है; जब तक धरती पर संत विहार करते रहेंगे, जैन धर्म जीवित रहेगा।”
हमारा संकल्प है कि आगामी साढ़े अठारह हजार वर्षों तक जब भी कोई साधु-साध्वी भगवंत कदम बढ़ाएं, उनके साथ विहार सेवा ग्रुप का सुरक्षा-कवच सदैव उपस्थित रहे।